Monday, July 14, 2014

मैं और धर्मपत्नी , हम दोनों मसूरी गए हुए थे घूमने . मसूरी या किसी भी हिल स्टेशन पे जाने का अपना एक उसूल है . पीक सीजन में कभी मत जाओ ....... एकदम मछली बाज़ार बन जाते हैं हमारे हिल स्टेशन सीजन में . सो हम मसूरी तभी जाते हैं जब एकदम खाली पडी हो ....उनींदी सी ...अलसाई सी मसूरी ..... सो ऐसी ही एक अलसाई शाम , मसूरी में एक स्थानीय दुकानदार हमें टकर गया बाज़ार में . फुर्सत में था सो गप्पें मारने लगा . उसने बताया कि एकदम ठाला चल रहा है . है ही नहीं मसूरी में कोई , आप दोनों के सिवा ........ फिर उसने बताया की बस अब इसके बाद बंगाली सीजन शुरू हो जाएगा ........ फिर उसने एक बहुत मोटी गाली दी ........ साले बंगाली .....भीड़ होगी ठेलम ठेला , बिक्री बोहनी एक पैसे की नहीं . भुक्खड़ साले ........ फिर बोला उसके बाद गुजरती सीजन शुरू होगा .......... उसमे आयेगा मज़ा ........धंदे पानी के हिसाब से गुजराती और मराठी टूरिस्ट सबसे बढ़िया होता है ......... हम लोग उसी एक महीने में साल भर का कमा लेते हैं .........पंजाबी .....पंजाबी आते हैं तो सिर्फ हल्ला मचाते हैं ...... बिक्री बट्टा कुछ नहीं होता ....... सिर्फ खाते पीते हैं वो लोग ........फिर मैंने डरते डरते पूछा ........और UP बिहारी ........उसने मेरी तरफ आश्चर्य से देखा ........ बोला ....अरे साहब , वो आते ही नहीं .......

मोदी tourism को बढ़ावा देना चाहते हैं . पर्यटन रोज़गार देता है . उस से हर आदमी कमाता है . गरीब भी और अमीर भी . पर पर्यटन ऐसा हो जो स्थानीय जनता को सचमुच रोज़गार दे . उन पे बोझ न बन जाए .

मित्र Anand kumar ने लिंक भेजा है की जम्मू कश्मीर सरकार ने अमरनाथ यात्रियों पे कर लाद दिए हैं . जजिया है ये . भूटान अपने यहाँ भरसक भुक्खड़ टूरिस्ट को घुसने नहीं देता . वो कहता है , आये हो तो कम से कम सौ डालर रोज़ खर्चा करो . मालदीव्स भी भुक्खड़ tourism को रोकता है . उसने अपने देश में सस्ते होटल खुलने ही नहीं दिए . सिर्फ अमीर टूरिस्ट का स्वागत है मालदीव्स में ...... हमारे देश में ज़्यादातर tourism धार्मिक है .....लोग तीर्थ यात्रा को ही tourism का रूप दे देते हैं . लोगों को बिज़नस नाम मात्र का मिलता है . बंगालियों को तो मैंने देखा है किसी ज़माने में 50 रु रोज़ में शिमला घूम के चले जाते थे लोग . ट्रेन भाड़े के बाद 300 रु बहुत होता था ....... अमरनाथ जैसी यात्राओं पे सरकार को बहुत ज़्यादा खर्च करना पड़ता है . इसके विपरीत उन्हें मिलता कुछ नहीं . बाबा बर्फानी की कृपा से हर चीज़ मुफ्त में . जो थोड़े से लोग पालकी घोड़े पे बैठे , उनसे स्थानीय लोग कमा लेते हैं . अन्यथा जो भीड़ उमड़ती है उसकी तुलना में स्थानीय जनता को revenue और business बहुत कम मिलता है . खाया पीया कुछ नहीं ....गिलास तोड़ दिया ........ उसका बारह आना तो दो भैया .........जो थोडा बहुत धंदा स्थानीय टैक्सी वालों को मिलता था उसमे भी भाई लोगों ने भांजी मारनी शुरू कर दी . पता लगा की घर से अपनी गाडी में चल दिए . अपनी बस ले आये गुजरात से . साउथ वाले तो बस में पूरी किचन ही लाद लाते हैं ............ऐसा टूरिस्ट स्थानीय जनता को कुछ नहीं देता उल्टा गंदगी मचा के चल देता है ........खाना खाया फ्री का ...लंगर में ....चाय पी वो भी फ्री की ..........ऐसे में सरकार ने लंगर वालों पे टैक्स लगा दिया .......अरे भैया कुछ तो दो .......बाहर से आने वाली गाड़ियों पे टैक्स लगा दिया ......... अब कुछ लोगों को ये जजिया लग रहा है .........मुझे मालूम है की अब लोग इस पे चिल्लाने लगेंगे ....अब क्या बेचारे गरीब को तीर्थ करने का अधिकार भी न रहा ....गरीब बेचारा घूम भी नहीं सकता ........पर मालदीव्स वाले कुछ नहीं सुनते . वो कहते हैं जेब में 50000 है तो स्वागत है , नहीं तो राम राम ........

tourism ऐसा हो की स्थानीय जनता और सरकार उस से कुछ कमाए न की आपके आने से वो कंगाल हो जाए . कश्मीर सरकार ने ये टैक्स लगा कर बहुत समझदारी का काम किया है ........
मैं और धर्मपत्नी , हम दोनों मसूरी गए हुए थे घूमने . मसूरी या किसी भी हिल स्टेशन पे जाने का अपना एक उसूल है . पीक सीजन में कभी मत जाओ ....... एकदम मछली बाज़ार बन जाते हैं हमारे हिल स्टेशन सीजन में . सो हम मसूरी तभी जाते हैं जब एकदम खाली पडी हो ....उनींदी सी ...अलसाई सी मसूरी ..... सो ऐसी ही एक अलसाई शाम , मसूरी में एक स्थानीय दुकानदार हमें टकर गया बाज़ार में . फुर्सत में था सो गप्पें मारने लगा . उसने बताया कि एकदम ठाला चल रहा है . है ही नहीं मसूरी में कोई , आप दोनों के सिवा ........ फिर उसने बताया की बस अब इसके बाद बंगाली सीजन शुरू हो जाएगा ........ फिर उसने एक बहुत मोटी गाली दी ........ साले बंगाली .....भीड़ होगी ठेलम ठेला , बिक्री बोहनी एक पैसे की नहीं . भुक्खड़ साले ........ फिर बोला उसके बाद गुजरती सीजन शुरू होगा .......... उसमे आयेगा मज़ा ........धंदे पानी के हिसाब से गुजराती और मराठी टूरिस्ट सबसे बढ़िया होता है ......... हम लोग उसी एक महीने में साल भर का कमा लेते हैं .........पंजाबी .....पंजाबी आते हैं तो सिर्फ हल्ला मचाते हैं ...... बिक्री बट्टा कुछ नहीं होता ....... सिर्फ खाते पीते हैं वो लोग ........फिर मैंने डरते डरते पूछा ........और UP बिहारी ........उसने मेरी तरफ आश्चर्य से देखा ........ बोला ....अरे साहब , वो आते ही नहीं .......

मोदी tourism को बढ़ावा देना चाहते हैं . पर्यटन रोज़गार देता है . उस से हर आदमी कमाता है . गरीब भी और अमीर भी . पर पर्यटन ऐसा हो जो स्थानीय जनता को सचमुच रोज़गार दे . उन पे बोझ न बन जाए .

मित्र Anand kumar ने लिंक भेजा है की जम्मू कश्मीर सरकार ने अमरनाथ यात्रियों पे कर लाद दिए हैं . जजिया है ये . भूटान अपने यहाँ भरसक भुक्खड़ टूरिस्ट को घुसने नहीं देता . वो कहता है , आये हो तो कम से कम सौ डालर रोज़ खर्चा करो . मालदीव्स भी भुक्खड़ tourism को रोकता है . उसने अपने देश में सस्ते होटल खुलने ही नहीं दिए . सिर्फ अमीर टूरिस्ट का स्वागत है मालदीव्स में ...... हमारे देश में ज़्यादातर tourism धार्मिक है .....लोग तीर्थ यात्रा को ही tourism का रूप दे देते हैं . लोगों को बिज़नस नाम मात्र का मिलता है . बंगालियों को तो मैंने देखा है किसी ज़माने में 50 रु रोज़ में शिमला घूम के चले जाते थे लोग . ट्रेन भाड़े के बाद 300 रु बहुत होता था ....... अमरनाथ जैसी यात्राओं पे सरकार को बहुत ज़्यादा खर्च करना पड़ता है . इसके विपरीत उन्हें मिलता कुछ नहीं . बाबा बर्फानी की कृपा से हर चीज़ मुफ्त में . जो थोड़े से लोग पालकी घोड़े पे बैठे , उनसे स्थानीय लोग कमा लेते हैं . अन्यथा जो भीड़ उमड़ती है उसकी तुलना में स्थानीय जनता को revenue और business बहुत कम मिलता है . खाया पीया कुछ नहीं ....गिलास तोड़ दिया ........ उसका बारह आना तो दो भैया .........जो थोडा बहुत धंदा स्थानीय टैक्सी वालों को मिलता था उसमे भी भाई लोगों ने भांजी मारनी शुरू कर दी . पता लगा की घर से अपनी गाडी में चल दिए . अपनी बस ले आये गुजरात से . साउथ वाले तो बस में पूरी किचन ही लाद लाते हैं ............ऐसा टूरिस्ट स्थानीय जनता को कुछ नहीं देता उल्टा गंदगी मचा के चल देता है ........खाना खाया फ्री का ...लंगर में ....चाय पी वो भी फ्री की ..........ऐसे में सरकार ने लंगर वालों पे टैक्स लगा दिया .......अरे भैया कुछ तो दो .......बाहर से आने वाली गाड़ियों पे टैक्स लगा दिया ......... अब कुछ लोगों को ये जजिया लग रहा है .........मुझे मालूम है की अब लोग इस पे चिल्लाने लगेंगे ....अब क्या बेचारे गरीब को तीर्थ करने का अधिकार भी न रहा ....गरीब बेचारा घूम भी नहीं सकता ........पर मालदीव्स वाले कुछ नहीं सुनते . वो कहते हैं जेब में 50000 है तो स्वागत है , नहीं तो राम राम ........

tourism ऐसा हो की स्थानीय जनता और सरकार उस से कुछ कमाए न की आपके आने से वो कंगाल हो जाए . कश्मीर सरकार ने ये टैक्स लगा कर बहुत समझदारी का काम किया है ........
ए मुसलमानों .....रमजान का पवित्र महीना मुबारक हो । अल्लाह ने 30 दिन और ज़िंदा रहने का मौका दे दिया । उसके बाद ऐ सुन्नियों तुम शियाओं को खोज खोज के मारना । लाइन में बैठा के मारना । गला रेत देना ।और बाकि के मुसलामानों तुम सब चुपचाप देखना क्योंकि मरने वाले भी दीन पे कुर्बान हो रहे है और मारने वाले भी दीन की ही सेवा कर रहे हैं । अल्लाह सब जानता है । अल्लाह बड़ा ही दयालु है ।



दिसंबर 2013 में अपने ब्लॉग पे ये पोस्ट लिखी थी . अरविन्द केजरीवाल की सुहाग रात .http://akelachana.blogspot.in/2013/12/blog-post_16.html.........तब से अब तक गंगा में बहुत पानी बह चुका है ......... तब कजरी मोहल्ले भर में लौंडों से पूछते फिर रहे थे . भैया , सुहागरात मनाऊँ या न मनाऊँ . खैर भैया , सुहागरात तो मनी ......... पर जल्दी ही दिल्ली को और खुद दुल्हे राजा को ये अहसास हो गया की मामला झंडू है . शिलाजीत भर खा लेने से कोई मर्द नहीं हो जाता . सो एक रात दुल्हनिया को सोता छोड़ के भग गए ..............मोहल्ले के लौंडे पीछे पीछे चल पड़े ........ झंडू है ... झंडू है ......भगोड़ा है .....भगोड़ा है .......भाग आया .......... भाग आया ........ शहर में एक स्वयंवर और हो रहा था ..........युगपुरुष वहाँ जा पहुंचे बारात ले के .......... लडकी वरमाला ले के चली तो देखा , युगपुरुष ध्यान मग्न बैठे हैं ........ लौंडे पीछे से चिल्लाने लगे .....भगोड़ा है .......भगोड़ा है .....लडकी ने वरमाला मोदी के गले में डाल दी .........

फिर युगपुरुष को ध्यान आया की मेरी तो दुल्हनिया सेज सजा के , बालों में गजरा लगा के मेरी बाट जोह रही है ...........पहुँचे युगपुरुष , बालों में महकउआ तेल लगा के .......... दुल्हनिया दरवाजे पे ही खड़ी थी ......उसने युगपुरुष से कहा .........पीछे मुड़ .......और मारी पिछवाड़े पे कस के लात ......... भाग साले ........अब क्या लेने आया है ........ पिट पिटा के युगपुरुष गली के कोने में चबूतरे पे जा बैठे ............

दिल्ली में सत्ता सुन्दरी , भरी जवानी में , सोलहों सिंगार किये बैठी है ........और बाट जोह रही है .......आयेगा उसके सपनों का राजकुमार सफ़ेद घोड़े पे ............ और बिठा के ले जाएगा डोली में .......... उधर मोहल्ले भर के लौंडे आते जाते ताड़ते हैं ........कोई सीटी बजाता है , कोई आँख मार जाता है ............ युगपुरुष से देखा नहीं जाता ........ पद पंचायत कर ली ....... माफी चिरौरी कर ली ........पर लडकी वाले हैं कि मानते नहीं ..........कल युगपुरुष थाने जा पहुंचे ........... थानेदार से बोले , मेरा कहीं लगन करवा दो ..... या तो उसी से करवा दो , नहीं तो कहीं और करवा दो ........ मुहल्ले भर के लौंडों से इश्क फरमाए , ये मुझसे देखा नहीं जाता ........








जालंधर में मैं एक बार Axis Bank में पैसे जमा कराने के लिए लाइन में खडा था . लम्बी लाइन थी . तभी एक सरदार जी आये और सबसे आगे पहुँच गए और साइड से कैशियर को पैसे पकडाने लगे . अब चूँकि मैं बहुत पुराना , सीनियर , certified बदतमीज हूँ इसलिए मैंने उन्हें तुरंत टोक दिया . Hello ....... do you think I am a fool ......... क्या मैं आपको शक्ल से चूतिया लगता हूँ ......... सरदार जी सकपका गए . sir .....ये इतने लोग जो लाइन में खड़े हैं क्या वो चूतिया है ? और आप ही सबसे स्मार्ट हैं ? जनाब लाइन में आइये और सबसे पीछे खड़े होइए .
Sir .....मैं बैंक का staff हूँ ....
जनाब , आप मनमोहन सिंह भी हो सकते हैं . इस से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता . लाइन में आइये और सबसे पीछे आइये . जब मैंने दहाड़ना शुरू किया तो जो बकरियां और भेड़ें मेरे साथ लाइन में खड़ी थी वो सब भी मिमियाने लगी . बैंक में चिल्ल पों मच गयी . तुरंत ही बैंक का assistant manager sir sir करता आ गया . क्या हुआ sir ? इनसे कहिये लाइन में आयें .
sir , असल में वो priority बैंकिंग के तहत हम धन्ना सेठों को ये सुविधा देते हैं की वो आराम से वहाँ manager के पास बैठ कर आराम फरमाएं और एक बैंक कर्मी तुरंत उनके पैसे जमा करवा आये .

मैंने कहा , sir ........वो वहाँ जो बैठा है मोटे पेट वाला ........वो आपका दामाद हो सकता है ........मेरा नहीं . यदि उसे बाप बनाना है , ख़ास सेवा देनी है , सिर पे बैठाना है तो ज़रूर बैठाइए . पर अपने सिर पे , मेरे सिर पे नहीं . यदि priority banking देनी है तो उसके लिए अलग काउंटर खोलिए . मेरे काउंटर पे उसे सबसे आगे मत खड़ा कीजिये . ज़रा खर्चा कीजिये हुज़ूर . नया काउंटर खोलिए . नया कर्मचारी रखिये . हमसे क्यों ढोवा रहे हैं उसकी पालकी .

रेलवे सुना है की सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलाने जा रही है . पहले भी कई VVIP गाड़ियां चलती हैं . वो सब हमारी छाती पे चढ़ के चलती हैं . जब वो आती हैं तो हमको एक तरफ खडा कर दिया जाता है . हट जाओ भैया ....सड़क खाली कर दो ...... राजा साहब आ रहे हैं ........ दिल्ली हावड़ा रूट पे मैंने अक्सर देखा है , हमारी तथाकथित super fast गाड़ियों को लूप लाइन पे खडा कर के एक के बाद एक राजधानी निकाली जाती हैं . जब राजधानी निकलती है तो उसके 30 किलोमीटर तक आगे चल रही गाड़ियों को खडा कर दिया जाता है . जिस से की उनकी स्पीड में खलल न पड़े . एक बार मेरे साथ रेलवे का एक ड्राईवर यात्रा कर रहा था . वो बोला , जनाब जैसे इन गाड़ियों को लाइन क्लियर दिया जता है , वैसे अगर इस सामान्य गाडी को भी मिले तो ये भी 16 घंटे में दिल्ली से हावड़ा लगा देगी .

मोदी जी ......इस देश में आज तक अभिजात्य वर्ग को जो भी सेवा दी गयी है , हम गरीबों की छाती पे चढ़ के ही दी गयी है ............. sir ....बहुत ज़रूरी हैं हाई स्पीड रेल , पर उनके लिए अलग से track बनाइये sir .......हमको super slow बना कर उन्हें super fast मत बनाइये हुज़ूर ........
दोस्तों .....कुछ दिन पहले मित्र vijay संघानी जी ने एक स्टेटस डाला था ......प्रसिद्ध ब्लॉग भंडाफोडू के लेखक ब्रिज नंदन शर्मा जी के बारे में । उनका नंबर भी दिया था । कल उनसे बात हुई । 72 वर्षीय शर्मा जी रेलवे से रिटायर हैं । अरबी फ़ारसी और उर्दू के प्रकांड विद्वान् हैं । इस्लाम् में व्याप्त कुरीतियों और भ्रांतियों पे बड़े तथ्यपरक लेख लिखते हैं अपने ब्लॉग bhandaafodu में । पूरी दुनिया में लोग इनका ब्लॉग पढ़ते हैं । पृष्ठभूमि ये है की विद्वान् होने के नाते पहले लोग इन्हें भाषण देने के लिए बुलाते थे । फिर कुछ लोगों ने समझाया की लिखिए । एक भाई ने ब्लॉग बना दिया । किसी ने एक पुराना टंडीरा PC दे दिया । उसी पे लिखने लगे । देखते देखते ख्याति फ़ैल गयी । कठमुल्लों ने ब्लाक करवा दिया । मुकदमा ठोक दिया अलग से । बेचारा बुज़ुर्ग ठोकरें खा रहा है । किसी तरह नाम बदल के ब्लॉग फिर शुरू किया । पुरानी पोस्ट सब उड़ गयी । पुराने pensioner है रेलवे के । कुल जमा 8200 मिलती है । उसी में किसी तरह पेट पालते हैं । कई बार net का बिल नहीं दे पाते सो दो दो महिना बंद रहता है लेखन । पुराना PC है । वो भी अक्सर खराब हो जाता है । भाई vijay sanghani जी ने मदद की अपील की थी । कल मैंने फोन पे बात की तो शर्मा जी बोले सिर्फ 1000 महिना मिल जाये तो नेट का बिल समय से भर दिया करूंगा ।

मन ग्लानी से भर गया । लानत है अजित सिंह । निश्चय किया की शर्मा जी को एक laptop गिफ्ट किया जाए । जिस से की सुचारू रूप से लिख सकें । इसलिए ये सार्वजनिक पोस्ट लिख रहा हूँ । इतने मित्र है । 100 - 100 रु भी देंगे तो हो जायेंगे 30,000.......... मैं अपना अंशदान कल 10 बजे तक अवश्य जमा करा दूंगा ....... शर्मा जी का खाता नंबर निचे दिया है । उनका फोन नंबर सुरक्षा कारणों से नहीं दे रहा । कोई मित्र मांगेगा तो inbox में भेज दूंगा ।

SBI Main T.T. Nagar Branch-Bhopal .M.P.
A/C Holder - Brij Nandan Sharma
A/C Number -10571257305
IFS Code-SBIN 0001308




बचपन और जवानी हॉस्टल में बीती । sports hostels में ।वहाँ दो किस्म के लड़के होते थे । शाकाहारी और मांसाहारी । अपन घोर मांसाहारी थे । पर अपना एक फंडा था । देखो भैया हम तो पनीर भी खायेंगे और मुर्गा भी । साथ में खीर भी । शाकाहारी लड़के objection करते थे । कहते थे की तुम सब अपना मुर्गा भी खा जाते हो और हमारा पनीर भी । और सारी खीर भी . हम उस से कहते ,तू भी खा ले हमारा मुर्गा ....... हमने कब मना किया है .......वो कहता नहीं मुझे घिन आती है . अगर घिन आती है तो फिर ये तेरी प्रॉब्लम है ।
फिर हॉस्टल में एक दिन एक सीनियर पहलवान आ गया । उसने एक दिन उठाया डंडा । बोला खबरदार .....कोई मांसाहारी पनीर के पतीले को हाथ भी लगाया तो ........

सुप्रीम कोर्ट ने शरई अदालतों के खिलाफ फैसला दिया है । मैं इसका विरोध करता हूँ । ये मुसलामानों के धार्मिक जीवन में हस्तक्षेप है । उनके मूल अधिकारों का हनन है । उन्हें पूरा हक है की वे शरियत और शरई अदालतों को मानें ........ पर ......पर ...
एक तरफ रह लें । सरकार को चाहिए की एकदम सख्त नियम बना दें । मुसलमान पे शरियत लागू होगी और हिन्दू पे IPC और CRPC...... मुसलमान कोई जुर्म करेगा तो उसपे शरई कानून लागू होगा , शरई अदालत में मुकदमा होगा और शरई सज़ा होगी ......मसलन चोरी करने पे हाथ काट लिए जायेंगे .....extra marital या pre marital affair होने पे संगसार कर दिया जाएगा । दारू पीने पे 100 कोड़े मारे जायेंगे । हिंदू जुर्म करेगा तो उसपे देश का क़ानून लागू होगा .... IPC और CRPC के तहत मुकदमा चलाया जाएगा ।

ऐ मुसलामानों ......है मंज़ूर ? ये दोनों पतीले में खाना बंद करो । या पनीर मिलेगा या मुर्गा .....दोनों नहीं मिलेंगे .......है मंजूर ?





मेरे पिता जी पैदाईशी बागी थे । समाज में हर मुद्दे पे बगावत की । हर एक से बगावत की । हर आडम्बर पाखण्ड और कुरीति से बगावत की । जब 14 साल के थे तो उनकी शादी तय हुई । तीन दिन पहले भाग गए । तीन साल बाद लौटे । खुद शेर थे सो हमको भी ज़िन्दगी भर वाह शेरा .....वाह शेरा ....करते रहे । हिंदुस्तानी बाप खुद चाहे जैसा बब्बर शेर हो ,अपने लौंडों को वो डबल रोल में ही देखना चाहता है । यानि दुनिया के सामने लौंडा शेर हो पर बाप के सामने आये तो trained obidient dog हो जाए । पर डबल रोल करना सबके बस का नहीं होता । सो जब पिता श्री हमको आतू आतू करते तो हम उनको गुर्राते और दांत दिखा देते और गर्दन पे पंजा रख देते ।
जब 24 बरस के हुए और सरकारी नौकरी लग गए तो हमको भी लोग टोकरी में रख मंडी ले जाना चाहे । हमने declare कर दिया कि अजित सिंह भंटा कोहड़ा की तरह तौल के बाज़ार में बेचा नहीं जायेगा । मेरा विवाह मेरा और सिर्फ और सिर्फ मेरा विषय है । किसी third person को चिंता करने की और interfere करने की ज़रूरत नहीं है । विवाहोपरान्त सुचना प्रेषित कर दी जाएगी । समय आने पर यही किया । अपनी होने वाली पत्नी को विवाह से पहले मिलवा दिया । लो भैया .....इनसे होगा बियाह ......कब कहाँ कैसे ? .........वो मेरा विषय है ।
फिर जिस दिन mood बना आर्य समाज मंदिर में शादी की । परिवार के किसी भी सदस्य को नहीं शामिल किया । कोई आडम्बर नहीं । कोइ लोक दिखावा नहीं । कुल 650 रु खर्चा हुआ । वधु ने जो सूट पहना था वो मेरे पैसे का था । अगले दिन ससुराल गए उसके अगले दिन मायके । पिता जी बहुत खुश हुआ , माता जी थोड़ी निराश लगी ........ ये मेरा विद्रोह था समाज की सड़ी गली सडांध मारती व्यवस्था के खिलाफ जिसे सब आज भी सभ्यता संस्कृति लोकाचार परंपरा के नाम पे ढो रहे हैं । वही बगावती तेवर आज भी बरकरार हैं ।
कभी किसी आडम्बर पूर्ण शादी विवाह या धार्मिक सामाजिक आयोजन में नहीं जाता हूँ । अपने बच्चों को रोज़ समझाता हूँ .....its your life ........live it on your own terms ......
उन्हें कह दिया है की मुझसे आशा मत करना की मैं तुम्हारे ब्याह में आउंगा ही ............. आपके ब्याह में सिर्फ और सिर्फ एक आदमी का होना ज़रूरी है ....... खुद आपका ।
मेरे ख़ास दोस्त जब भी कोई आयोजन प्रयोजन होता है तो बहुत शर्माते हुए , डरते हुए से मुझे बुलाते है ,और साथ ही ये जोड़ देते है ......हालांकि आप तो आयेंगे नहीं .......मेरा एक ही जवाब होता है........ अबे चूतिया हो क्या बे ? मूर्ख लोग दुनिया भर के ब्याह में घूमते हैं........






मुझे आजकल average 15 - 20 friend requests आती हैं । अगर फुर्सत हो तो accept करने से पहले मैं बन्दे का प्रोफाइल खोल लेता हूँ । पहली 5 पोस्ट से मुझे पता चल जाता है की सामने वाला आदमी है या चूतिया ....... चूतिया भी दो किस्म का होता है । एक चूतिया दुसरा महा चूतिया । सो चूतियों की रिक्वेस्ट तो मैं तुरंत refuse कर लेता हूँ । अब आप पूछेंगे की पहली 5 पोस्ट देख के कैसे पता चल जाता है की प्राणी चूतिया है । सो शाश्त्रों में जो लक्षण दिए गए हैं उन्हें जान लीजिये । प्रोफाइल देखिये .........

अगर उसमे बहुत से भगवानो के चित्र हो .....
good morning या good night की पोस्ट्स हों ......
20 - 25 हैप्पी बड्डे हो ........
digital फोटो हों छिछोरी लड़कियों के ........
कट्टर हिन्दू हो .....कश्मीर दूगा चीर दूंगा खीर दूंगा type ...
शरवन कुमार टाइप माँ बाप का भक्त हो ........
सुन्दर सी फोटो वाली आधुनिक से नाम वाली लड़की हो .......
वो जो रोजाना अपनी प्रोफाइल फोटो change करता हो ......
ऐसा व्यक्ति चूतिया होता है ।
धर्म ग्रंथों में ऐसा लिखा है की ऐसे प्रोफाइल वालों की friend request को तुरंत refuse कर देने वाला व्यक्ति अत्यंत सुखी रहता है ।
बाकि जो आपिया होता है वो महाचूतिया होता है .......और महाचूतिये की friend request कभी refuse नहीं करनी चाहिए ।
क्या आपने किसी गाय भैंस भेड़ बकरी ऊँट हाथी कुत्ते को गोबर लीद या कुछ ऐसा ही करते देखा है ? या कोई भैस गोबर करते शर्मा गयी हो ? हाय मैं शर्म से लाल हुई ......कोई बछड़ा अपनी मम्मी से कहे की मम्मी ,मैं ऐसे सबके सामने गोबर नहीं करूँगा ......मुझे शर्म आती है ..... भैया ,गोबर करना एक नितांत प्राकृतिक और नैसर्गिक प्रक्रिया है । इसमें शर्माने की जरूरत नहीं होती ।

मोदी इस चिंता में मरे जा रहे हैं की 60% हिन्दुस्तान खुले में हगता है । अरे भैया इश्वर का बनाया हर जीव ऐसा ही करता है । सो ये 60% भी कर रहे हैं तो गलत क्या है । बल्कि वो 40% जो संडास में जाते हैं वो एक अप्राकृतिक कार्य कर रहे हैं । मेरे हिसाब से उन्हें भी खुले में ही निपट लेना चाहिए । मैंने अपने गाँव में कई ऐसे लोगों को देखा है जो घर में शौचालय होने के बावजूद रात के अंधेरे में सड़क पे निपटने जाते है । उन्हें लगता है की अगर घर भर उसमे जाएगा तो उनका septic tank जल्दी भर जाएगा ।
सुलभ वाले मात्र 12000 में गाँव में शौचालय बनाते हैं । मेरे एक पडोसी ने आज तक नहीं बनवाया । बहुत गरीब हैं बेचारे । ये अलग बात है की 5 सदस्यों के घर में 6 मोबाइल फोन हैं और सब साले दिनवा भर बतियाते हैं । एक दिन मैंने यूँ ही पूछ लिया ,किस से बतियाते हो बे इतना ......मुझे शक था की इनने कोई call center खोल लिया लगता है । एक दिन मैंने उनसे कह दिया की अबे तेरी माँ सड़क पे हगने जाती है .......साले ,एक गड्ढा खोद के उसके इर्द गिर्द टाट ही लगा ले ......नाराज हो गए .....
मोदी जी .....बात को समझो ......ये जो 60% खुले में हग रहे हैं न ,ये साले सब पशु हैं । इनके लिए सरकारी पैसे से संडास बनवाने से पहले इन्हें पशु से मनुष्य बनाओ । समस्या संडास का न होना नहीं है । समस्या शिक्षा का आभाव है । उन्हें ये पता ही नहीं की संडास का होना क्यों जरुरी है । जिस दिन इनको ये पता लग गया ..... आपको सरकारी संडास नहीं बनवाना पड़ेगा । और लानत है आपकी शिक्षा व्यवस्था पे जो आज तक इन्हें ये नहीं समझा पाई कि संडास क्यों जरूरी है ।
देश और समाज की हर समस्या का हल शिक्षा और सिर्फ और सिर्फ शिक्षा है .......





कल शाम prem भैया .....अपने prem prakash जी बाज़ार में मिल गए । भाजी खरीदने जा रहे थे । बहुत गुस्से में थे । हम भी साथ हो लिए । मैंने पूछा क्या हुआ ? इतना गुस्से में क्यों हो ? एकदम अगिया बेताल हो गए । उबलने लगे । देख रहे हो ? कमबख्त ने रेल बजट दिया है । गरीब को लूट रहा है । अमीर की झोली भर रहा है । और prem भैया ने कुल बीस मिनट में मुझे पूरी economics पढ़ा दी । मैं तो वहीं नत मस्तक हो गया । वहीं उनके चरण चूम लिए । इतना बड़ा अर्थ शास्त्री यूँ राजघाट पे धूल फांक रहा है । वहीं लबे सड़क उनके पैर पखारे । चरणामृत लिया । सड़क पे जाम लग गया । प्रभु मुझे इकोनॉमिक्स पढ़ाते रहे । पूरा बजट पढ़ा डाला । या करना चाहिए । वा करना चाहिए । मुझे पढ़ाते जाते थे और साथ साथ मोदी और अरुण जेटली को गरियाते जाते थे । टहलते हुए दोनों सब्जी मंडी पहुंचे । प्रेम भैया सब्जी भाजी लिए जाते थे और मुझे अर्थ शास्त्र पढ़ाते जाते थे । वापस घर की ओर चले । मैंने विदा लेनी चाही । तो प्रेम से मेरा हाथ पकड़ लिया । चलो घर चलो । साथ बैठ के चाय पियेंगे ।
घर नज़दीक आया तो मैं लघुशंका के लिए रुक गया । प्रेम भैया बोले । आप आइये ,तब तक मैं चाय बनवाता हूँ ।
5 मिनट बाद घर पहुंचा तो एकदम इराक वाला माहौल था । प्रेम भैया जमीन पे धराशायी , गर्भस्थ शिशु वाली मुद्रा में घुटनों में सिर छुपाये बैठे थे । भाभी जी साक्षात् बगदादी बनी हुई थी । बुड्ढे हो गए ........ अभी तक तरकारी खरीदनी नहीं आई । सौ रु में यही लाये हो ? परवल सब पकी हुई है ? और ये घीया देखी थी ? कितनी बार समझाया है यूँ नाखून धंसा के देखना चाहिए । और ये 100 रु की सब्जी है । कहाँ लुटा आये पैसे ? देस दुनिया को economics पढ़ाते हो ? अरे तुमसे अच्छी सब्जी तो पिंटू ले आता है ।

मैं परदे के पीछे से छुप के देख रहा था । एक बार तो जी में आया कि विडियो बना लूं । इराक वाली विडियो से खराब नहीं बनती । पर फिर मुझे दया आ गयी । मैंने हांक लगाई ......अरे prem भैया ......कहाँ रह गए यार ...... चाय तो उबल उबल के अफीम हो गयी होगी अबतक .......





बहुत पहले हमारे पास एक गाय हुआ करती थी । गाय यूँ बड़ा सीधा सादा शांत और प्यारा सा जीव होता है । पर बहुत sensetive भी होता है । भैंस की तरह ठस नहीं होता । उसके अन्दर मातृत्व की बहुत प्रबल भावना होती है । वो basically बहुत ज़्यादा चालाक होती है । और अगर रौद्र रूपधारण कर ले तो सुना है की शेर से भी लड़ जाती है । कई गाय स्वभाव से बहुत चालाक मक्कार और दुष्ट भी होती हैं । तो जिस गाय की मैं बात कर रहा हूँ वो बहुत दुष्ट थी । चाहे जितनी मजबूती से बाँध दो ,छुडा ही लेती थी । खूंटा उखाड़ लेती । दांतों से रस्सी काट लेती । जीभ से रस्सी खोल लेती थी । और जब एक बार खुला लेती तो सबसे पहले तो हमारा kitchen garden तहस नहस करती । फिर असली दुष्टता ये करती की जल्दी काबू न आती । 4-5 आदमी घेर के किसी तरह पकड़ते ।गाँव भर में दौडती फिरती । बैल होता तो नाथ देते । गाय को नाथना अत्याचार हो जाता ।एक बार तो ऐसा भागी की सुबह की भागी शाम को दस किलोमीटर दूर मिली । फिर पिता जी ने एक उपाय ये निकाला की पिछले दोनों पैर बाँध दिए । ऐसे की वहाँ तक उसकी जीभ न पहुंचे नहीं तो वो भी खोल लेती । उसके बाद एक पैर में डंडा भी बाँध दिया । उस से हुआ ये की खुलवा तो अब भी लेती थी पर पिछले पैर बंधे होने के कारण ज़्यादा दूर नहीं भाग पाती थी और आसानी से पकड़ में आ जाती थी ।

देस में प्याज की महंगाई का भी हमारी गाय वाला ही हाल है । पहले सोनिया जी के राज में 100 रु किलो तक घूम आती थी । छुट्टा सांड की तरह घूमने की आदत है इसको । मोदी जी ने पिछली दोनों टांगें बाँध तो दी है । फिर भी छुडा ही लेती है । पर अब 20- 25 रु किलो पे ही घूम घाम के वापस आ जाएगी । 100 रु तक नहीं जाएगी । पुरानी आदत है । छूटते छूटते छूटेगी ।





Kapil Rishi Yadav ji की एक पोस्ट अभी शेयर की है । ये उसका हिंदी अनुवाद है । 
उस दिन कटरा में नयी रेल लाइन के उदघाटन के बाद मोदी उड़ी चले गए जो line of control से सिर्फ 4 km दूर है । वहाँ उन्होंने बच्चों से जब पढायी लिखाई के बारे में पूछा तो बताया गया की एकमात्र विद्यालय केंद्रीय विद्यालय है वो भी सिर्फ दसवीं तक । आगे की पढाई ? 12 th के लिए 70 km दूर श्रीनगर जाना पड़ता है जो संभव नहीं है । मोदी ने तुरंत HRD Minister स्मृति ईरानी को फोन लगाया । मेरे उड़ी छोड़ने से पहले उड़ी का KV 12th तक हो जाना चाहिए । और admission कब से होगा इसकी date भी घोषित हो जानी चाहिए । इसे कहते हैं governance........

दुर्भाग्य से हमारा mediya ऐसी ख़बरों को cover नहीं करता ।









Ajit Singh Corrupt......यही वो शख्स है जो रोज नाक में दम किये हुए है आजकल....
रोज इनकी पोस्ट पढो.... दिमाग को झकझोरने वाली.... फिर चिंतन करो उसपे.... आत्मसात करो या आलोचना करो... COB House.... दहेज़ प्रथा.... ट्रेन के जनरल डिब्बे में यात्रा करने वाले यात्रियों की व्यथा.... सामाजिक कुरीतियाँ... सरकार पर प्यार और प्रहार..... और भी ना जाने क्या क्या..... साला जिस फेसबुक पर मैं दुनिया भर की परेशानियों से क्षणिक देर वास्ते निजात पाने आता था... टेंशन के लबादे से खुद को आजाद करना ही उद्देश्य होता था.... विशुद्ध ENTERTAINMENT... खालिस बकलोली......उस फेसबुक पर अब सामाजिक सरोकार से सम्बन्ध जुड़ता जा रहा है....कैसे.....पढ़ते जाइये पता चल जाएगा....
आज दुपहरिया में पोस्ट आ गया ajit singh साहब का.... चुटकी भर दिमाग में ख्याल आया की प्रेम प्रकाश जी को छील रहे होंगे... पर नहीं.... दुनिया में और भी लोग है जिनकी चिंता करनी चाहिए.... जिनके हर कार्यकलापो को आने वाली संतानों को सहेजने के वास्ते समझाना चाहिए.... ब्रज नंदन शर्मा.... जी हाँ इन्ही के बारे में लिखा था ajit सर जी ने....बताया की भोपालवासी है... !!!! भोपालवासी!!!! अरे वाह.. अपना शरीर तो आज भोपाल में ही दिहाड़ी कर रहा है...चल बेटा अनुराग मिल कर आते है इस शर्मा से.... देखे तो सही किस खेत की मुली है.... और फिर ajit सर जी के जोहरीपन की भी जांच हो जायेगी..... गलत पाया जो इनको तो कल से प्रेम प्रकाश जी के पाले में अपना ट्रान्सफर पक्का..... इतना भर सोचा और काम धाम से अल्प विराम लेकर निकल पड़े....साथ में प्रभाकर राव... भोपाल निवासी सहकर्मी.....
फ़ोन नंबर लिया ajit सर जी से.... फ़ोन मिलाया.... पता पूछा.....ढूंढा.... और सामना बृज नंदन शर्मा जी से.....
मरियल सा आदमी... ५ फिट... सफ़ेद दाढ़ी...४५ किलो से ज्यादा निकलने पर १ लाख का इनाम घोषित करा जा सकता है..... नमस्कार चमत्कार के बाद बातो का सिलसिला.....अद्भुत...नायाब...लाजवाब शक्शियत के धनी...भाई वाह वाह वाह..... कंठस्थ गीता... बाइबिल...कुरान....गुरबाणी.... और भी सारे धर्मो के ना सिर्फ साहित्य को अपितु उनके मर्म को जैसे घोल के पी लिया हो शर्मा जी ने.....३००० किताबो की सम्पति... कुछ किताबो की उम्र १५० वर्ष... तो कुछ १४० वर्ष की जवान किताबे....अद्भुत संकलन... सलीकेदार संकलन.... पुराने कपड़ो में प्रसन्नचित इस बुजुर्ग शख्स ने हर किताब पर जिल्द पहनाकर उनको भी अपने जैसा फक्कड़ मस्तमौला बना लिया.....उम्र के ६५ वसंत गुजर चुके शर्मा जी ने जब ये बताया की उन्होंने श्रीमद भगवद्गीता का उर्दू पद्यानुवाद किया है....मन का अगाध प्रेम आँखों में उतर आया....
सौभाग्य है हिंदी, संस्कृत, बंगाली, गुरमुखी, पंजाबी, गुजराती, मराठी, तमिल, लैटिन, अंग्रेजी, फारसी, उर्दू, अरबी, पाली और सिन्धी भाषा का जिनका उपयोग शर्मा जी ने बोलने, लिखने और पढने में किया...... हिब्रू में लिखित बाइबिल को देखा मैंने आज... छुआ आज..... इस घमंड पर तो इतराना बनता है की आज बहुतो को गरीब कर दिया मैंने......
दरियादिली इतनी की तमाम परिवार से इतर एक शौक को जिन्दा रखे हुए है..... घायल कुत्तो को घर ले आना.... उनका इलाज करना... करवाना... और ठीक होने पर छोड़ देना....
इतना सब देख कर मन में प्रसन्नता को ठौर नहीं मिल रहा था.... फिर बातो बातो में पता चला की दो महीने का इन्टरनेट बिल २२१७ रुपये बकाया है.... नेट कनेक्शन कट हो चूका है....कंप्यूटर की हालत ऐसी है की बेच दो तो नया कैलकुलेटर भी ना आये... पेंशन से गुजारा होता है और तिस भर भी शिकायत का नाम नहीं....फकीरी बादशाहत को महसूस किया मैंने....प्रभु वंदन.... मुझसे जो बन पड़ा वो कर दिया.... तस्सली भी दी की सर जी सारा हिन्दू समाज... समग्र हिन्दू संताने आपके साथ है.... घबराना मत... निडर लिखना...मोबाइल नंबर भी दे दिया अपना... मिलने का वादा भी किया.... पर फिर भी मुझे इतना बोध है की चादर की जरुरत पर मैं रुमाल अर्पित कर पाया हूँ....शायद साहस नहीं है मुझमे.... हाँ...साहस ही नहीं है.....
खैर आपसे गुजारिश है मेरी की श्री ब्रज नंदन जी शर्मा जैसी धरोहर को सहेजने के लिए हम सबको आगे आना पड़ेगा.... गोल गोल बात नहीं करना चाहता.... सीधे शब्दों में कहता हूँ, पैसा रुकावट बन रहा है कलम की.....आओ मिलकर दूर करे.... सिर्फ स्कुलो को फीस देकर ही किताबी ज्ञान लिया है ना हमने अब तक.... चलो आज एक ज्ञानी से सिख लेने वास्ते कुछ चूका दिया जाये....
(परखना चाहो तो फेसबुक पर bhandafodu पेज है ....तफरीह कर आइये तसल्ली के लिए...)

Photo: Ajit Singh Corrupt......यही वो शख्स है जो रोज नाक में दम किये हुए है आजकल....
रोज इनकी पोस्ट पढो.... दिमाग को झकझोरने वाली.... फिर चिंतन करो उसपे.... आत्मसात करो या आलोचना करो... COB House.... दहेज़ प्रथा.... ट्रेन के जनरल डिब्बे में यात्रा करने वाले यात्रियों की व्यथा.... सामाजिक कुरीतियाँ... सरकार पर प्यार और प्रहार..... और भी ना जाने क्या क्या..... साला जिस फेसबुक पर मैं दुनिया भर की परेशानियों से क्षणिक देर वास्ते निजात पाने आता था... टेंशन के लबादे से खुद को आजाद करना ही उद्देश्य होता था.... विशुद्ध ENTERTAINMENT... खालिस बकलोली......उस फेसबुक पर अब सामाजिक सरोकार से सम्बन्ध जुड़ता जा रहा है....कैसे.....पढ़ते जाइये पता चल जाएगा....
आज दुपहरिया में पोस्ट आ गया ajit singh साहब का.... चुटकी भर दिमाग में ख्याल आया की प्रेम प्रकाश जी को छील रहे होंगे... पर नहीं.... दुनिया में और भी लोग है जिनकी चिंता करनी चाहिए.... जिनके हर कार्यकलापो को आने वाली संतानों को सहेजने के वास्ते समझाना चाहिए.... ब्रज नंदन शर्मा.... जी हाँ इन्ही के बारे में लिखा था ajit सर जी ने....बताया की भोपालवासी है... !!!! भोपालवासी!!!! अरे वाह.. अपना शरीर तो आज भोपाल में ही दिहाड़ी कर रहा है...चल बेटा अनुराग मिल कर आते है इस शर्मा से.... देखे तो सही किस खेत की मुली है.... और फिर ajit सर जी के जोहरीपन की भी जांच हो जायेगी..... गलत पाया जो इनको तो कल से प्रेम प्रकाश जी के पाले में अपना ट्रान्सफर पक्का..... इतना भर सोचा और काम धाम से अल्प विराम लेकर निकल पड़े....साथ में प्रभाकर राव... भोपाल निवासी सहकर्मी.....
फ़ोन नंबर लिया ajit सर जी से.... फ़ोन मिलाया.... पता पूछा.....ढूंढा.... और सामना बृज नंदन शर्मा जी से.....
मरियल सा आदमी... ५ फिट... सफ़ेद दाढ़ी...४५ किलो से ज्यादा निकलने पर १ लाख का इनाम घोषित करा जा सकता है..... नमस्कार चमत्कार के बाद बातो का सिलसिला.....अद्भुत...नायाब...लाजवाब शक्शियत के धनी...भाई वाह वाह वाह..... कंठस्थ गीता... बाइबिल...कुरान....गुरबाणी.... और भी सारे धर्मो के ना सिर्फ साहित्य को अपितु उनके मर्म को जैसे घोल के पी लिया हो शर्मा जी ने.....३००० किताबो की सम्पति... कुछ किताबो की उम्र १५० वर्ष... तो कुछ १४० वर्ष की जवान किताबे....अद्भुत संकलन... सलीकेदार संकलन.... पुराने कपड़ो में प्रसन्नचित इस बुजुर्ग शख्स ने हर किताब पर जिल्द पहनाकर उनको भी अपने जैसा फक्कड़ मस्तमौला बना लिया.....उम्र के ६५ वसंत गुजर चुके शर्मा जी ने जब ये बताया की उन्होंने श्रीमद भगवद्गीता का उर्दू पद्यानुवाद किया है....मन का अगाध प्रेम आँखों में उतर आया....
सौभाग्य है हिंदी, संस्कृत, बंगाली, गुरमुखी, पंजाबी, गुजराती, मराठी, तमिल, लैटिन, अंग्रेजी, फारसी, उर्दू, अरबी, पाली और सिन्धी भाषा का जिनका उपयोग शर्मा जी ने बोलने, लिखने और पढने में किया...... हिब्रू में लिखित बाइबिल को देखा मैंने आज... छुआ आज..... इस घमंड पर तो इतराना बनता है की आज बहुतो को गरीब कर दिया मैंने......
दरियादिली इतनी की तमाम परिवार से इतर एक शौक को जिन्दा रखे हुए है..... घायल कुत्तो को घर ले आना.... उनका इलाज करना... करवाना... और ठीक होने पर छोड़ देना....
इतना सब देख कर मन में प्रसन्नता को ठौर नहीं मिल रहा था.... फिर बातो बातो में पता चला की दो महीने का इन्टरनेट बिल २२१७ रुपये बकाया है.... नेट कनेक्शन कट हो चूका है....कंप्यूटर की हालत ऐसी है की बेच दो तो नया कैलकुलेटर भी ना आये... पेंशन से गुजारा होता है और तिस भर भी शिकायत का नाम नहीं....फकीरी बादशाहत को महसूस किया मैंने....प्रभु वंदन.... मुझसे जो बन पड़ा वो कर दिया.... तस्सली भी दी की सर जी सारा हिन्दू समाज... समग्र हिन्दू संताने आपके साथ है.... घबराना मत... निडर लिखना...मोबाइल नंबर भी दे दिया अपना... मिलने का वादा भी किया.... पर फिर भी मुझे इतना बोध है की चादर की जरुरत पर मैं रुमाल अर्पित कर पाया हूँ....शायद साहस नहीं है मुझमे.... हाँ...साहस ही नहीं है.....
खैर आपसे गुजारिश है मेरी की श्री ब्रज नंदन जी शर्मा जैसी धरोहर को सहेजने के लिए हम सबको आगे आना पड़ेगा.... गोल गोल बात नहीं करना चाहता.... सीधे शब्दों में कहता हूँ, पैसा रुकावट बन रहा है कलम की.....आओ मिलकर दूर करे.... सिर्फ स्कुलो को फीस देकर ही किताबी ज्ञान लिया है ना हमने अब तक.... चलो आज एक ज्ञानी से सिख लेने वास्ते कुछ चूका दिया जाये....
(परखना चाहो तो फेसबुक पर bhandafodu पेज है ....तफरीह कर आइये तसल्ली के लिए...)
फुटबाल का विश्व कप चल रहा है । हिन्दुस्तानी फ़ुटबाल प्रेमी पारंपरिक रूप से ब्राजील और अर्जन्तीना के समर्थक रहे हैं । अब ऐसा क्यों है ये अपनी समझ से परे है । ब्राजील में हमारी कौन सी बुआ ब्याही थी पता नहीं .......पर कुछ भी हो ,प्रेम प्यार बहुत है . 
फेसबुक समाज का आईना बनता जा रहा है । पिछले एक हफ्ते से मैं इजराइल फिलिस्तीन की ताजा झड़प के updates पढ़ रहा हूँ और उसपे भाई लोगों के comments पढ़ रहा हूँ । एक बात समझ में आती है । भगवा ब्रिगेड इजराइल समर्थक है । शत प्रतिशत। परन्तु सेक्युलर जमात .......जिसमे मोटे तौर पे congi , commi , आपिये , समाजवादी , और अम्बेडकरवादी ......... ये सब फिलिस्तीन के लिए ताली पीटते है ........और जब वो पिटता है तो छाती पीटते है .........हाय मार डाला रे ....... बेचारे गरीब लोगों को मार दिया रे .......मासूम लोगों पे बम मार दिया रे ........ रिहायशी बस्तियों पे मिस्साइल मार दी रे .......अब ये तो पता नहीं की महाभारत काल में कांग्रेसियों की कौन सी बुआ फिलिस्तीन में ब्याही थी .....पर उन्हें ये समझना चाहिए की फिलिस्तीनी सबसे पहले खुद पंगा लेते हैं । आगे बढ़ के पहले civilians पे हमला करते है और फिर रिहायशी बस्तियों में .......यहाँ तक कि प्राइमरी स्कूल में जा के छिप जाते हैं ।इजराइल का पुराना फार्मूला है ।पहिले छेडब नाही ........अउर छेडबा त छोड़ब नाही ........ उसने पहले ही साफ़ कह रखा है हमास को .......... सैनिक अड्डे रिहायशी बस्तियों से दूर बनाओ ....... औरतों और बच्चों को ढाल बना कर उनके पीछे छिपना बंद करो ........ यदि बच्चों को ढाल बनाया जाएगा तो इजराइल उन्हें भी सैनिक मानेगा और सैनिकों जैसा व्यवहार करेगा । फिलिस्तीनी जांबाज़ बहादुर लड़ाके औरतों के पीछे छुपते है और जब मारे जाते है तो हिन्दुस्तान की सेक्युलर जमात उनके लिए फातिहा पढ़ती है ......स्वाभाविक सी बात है हिंदुस्तानी मुसलमान का दिल फिलिस्तीन के लिए धड़कता है और भारत की secular जमात का दिल सिर्फ मुसलमान के लिए धड़कता है । कल को अगर फुटबाल में ब्राज़ील का मैच फिलिस्तीन से हो जाए तो 65% हिन्दुस्तान फिलिस्तीन के लिए ताली और छाती पीटेगा ........








महान अभिनेता संजीव कुमार की एक फिल्म थी ......नया दिन नयी रात ......उसमे उन्होंने 9 रोल किये थे .....साहित्य के 9 रसों की तर्ज पे 9 रोल .......अपने प्रेम भैया ........प्रेम भैया बोले तो Prem prakash जी राजघाट वाले भी 9 रोल कर के रिकाट बनायेंगे ...... मसलन 
prem prakaash गांधीवादी 
prem prakash खांटी कांग्रेसी 
prem prakash communist 
prem prakash naxalist 
prem prakash आपिया 
prem prakash NGO वाला 
prem prakash पत्रकार sold out वाला 
prem prakash secular छद्म वाला 
prem prakash सोशलिस्ट

इस पोस्ट में जिस prem prakash का ज़िक्र है दरअसल वह कोई व्यक्ति नहीं बल्कि एक संस्था है ......जिसका पूरा अस्तित्व सिर्फ और सिर्फ मोदी विरोध पे निर्भर है ।







face book पे एक mitr है । अतुल सिंह ........... बड़ा ही मासूम सा सवाल पूछा इन्होने अपनी वाल पे ....... पूछते हैं....... ई live in relationship का होत है ? पहले हमने सोचा की इनको commentbox में ही समझा दूं । पर फिर सोचा कि और भी कई मासूम हैं जिन्हें शायद न मालूम हो । सो पोस्ट ही लिख देते हैं । 

Manmohan singh याद हैं ? अपने सरदार जी ....... उनका बियाह हुआ था ...... मज़ा कितना पाए ये तो पता नहीं पर उनके कपार पे बवाल देस भर का रहा । सब जिम्मेवारी उनकी थी ....... सारा लात जूता उनको ही खाना पडा ........ क्योंकि ब्याह हुआ था PM की कुर्सी से ........ दूसरी थी सोनिया जी ...... ऊ मजा तो पूरा ली कुर्सी का पर जिम्मेवारी कोई नहीं .....power पूरी accountability कोई नहीं ......ऐसे सम्बन्ध को live in ......भोजपुरी में लीभिन कहते हैं ........ यानि full mazaa zero responsibility ..... अपने rahul बाबा भी सत्ता सुन्दरी के साथ लीभिन में ही रहना चाहते हैं .......







अभी अभी एक homeopath ने ,जो फेस बुक पे Homeopathy India के नाम से हैं ......उन्होंने एक पोस्ट पे comment किया की केजरीवाल में भी TB के symptoms हैं .......इसके अलावा होमियोपैथी में युगपुरुष की अन्य बहुत सी बीमारियों और समस्याओं का इलाज संभव है । जैसे झूठ बोलना , मक्कारी ,U Turn लेना .......खांसना ......बार बार बीमार पड़ना ......गले का infection ..... खुजली .......Eczema .......इन सब का इलाज हो सकता है । युगपुरुष को चाहिए की किसी अच्छे homeopath से संपर्क करें ......... और एक बात और ...... उस से कहो की खांसता है तो मुह पे रूमाल तो रख ले कम से कम ..... या अपनी बीमारी सबको फैलाएगा ? बाकि लोग तो बर्दाश्त कर लेंगे .... कुमार विश्वास को 4 बार खांसना पड़ गया तो उसका तो अंजर पंजर हिल जाएगा अन्दर तक.........

कल प्यारेलाल जी के घर पहुंचा तो देखा की जीन बख्तर पहने सिर पे महाराणा प्रताप का ऐतिहासिक halmet लगाए , laptop पे झुके कुछ लिख रहे हैं ......... टीपू सुलतान की नंगी तलवार बगल में रखी है .........मैंने पूछा ....मधु मक्खी का शहद उतारने जा रहे हो या किसी शूटिंग में हिस्सा ले के आये हो ? अब तो उतार दो मेकप ........ प्यारेलाल जी सीरियस हो गए . बोले हमारा मत उतरवाओ बल्कि तुम भी पहन लो ......देखते नहीं हो माहौल कितना खराब है ......चारों तरफ ख़तरा ही ख़तरा है .......रिस्क ही रिस्क है ........ मैंने चारों तरफ नज़र दौडाई .....कहीं बगदादी की ISIS तो नहीं आ गयी ....कहीं कोई न था ..........मैंने कहा , अमा क्यों खामखाँ भसड मचा रहे हो ......... न ये फेसबुक की वाल हैं न कोई इराक बग़दाद ....क्या मजाल किसी की की आपको हाथ तो लगा के दिखा दे .......... साले को नंगा कर के पिटाई करेंगे ..........

अरे बगदादी गया तेल लेने ........ वो तो छोटा मोटा चूहा है ........ ऐसे छोटे मोटे लोगों का तो हम बड़े बड़े सीनियर पत्रकार नोटिस ही नहीं लेते ........ दुनिया को असली ख़तरा भगवा आतंक से है ...... देखते नहीं हो ........ वेद prakash वैदिक ...... भगवा आतंकी ....... हाफ़िज़ सईद से मिल गया जा कर ......... दुनिया खतरे में है .......सब तहस नहस कर देगा ये बेद परकसवा ........रम देउआ भी मिला हुआ है ......... मोदिया भी .....अमित शहवा भी .....ये सब मिल के भसड मचा देंगे दुनिया में ....... अब समय आ गया है ....दुनिया को जगाने का ...... भगवा आतंक से दुनिया को बचाना ही होगा .......... इतना कह के उठे प्यारे लाल जी और लगे टीपू सुलतान की तलवार भांजने ...........keypad पे ....... हम छिटक के दूर हो गए ...........




पत्रकार deepak sharma का पोस्ट:जो मैंने Anand Prakash जी की वाल से उठायी है .......

मोदी का अम्बानी को जबाब,इसके बाद भी कुछ लोग कहते है की ये अम्बानी की सरकार है।
'भारत में कारपोरेट और ब्यूरोक्रेट की साठगाँठ के एक बड़े
चेहरे है राजीव टकरू. 1979 बैच के गुजरात काडर के IAS
अफसर राजीव टकरु कुछ दिन पहले तक देश के सबसे
ताकतवर अधिकारियों में से एक थे. अम्बानी परिवार और
चिदंबरम के आशीर्वाद से वो देश के रेवेन्यु सेक्रेटरी बने.
प्रधान मंत्री के प्रमुख सचिव के बाद राजस्व सचिव
यानी रेवेन्यु सेक्रेटरी सबसे रसूखदार अफसर होता है
क्यूंकि वो सरकार को सारी कमाई करके देता है.
टकरू साहब जब जामनगर के कलक्टर थे तो उन्होंने
वहां अम्बानी परिवार की बड़ी मदद की और रिलायंस
की रिफाइनरी लगवाने में सहयोग दिया.तभी से ये रिश्ते अमर
बेल की तरह फले फूले.अम्बानी परिवार और टकरू साहब
की तरक्की साथ साथ होती रही. अम्बानी बंधुओं ने
सही वक़्त आने पर टकरू साहब को सरकार की सबसे कमाऊ
कुर्सी पर बैठा दिया,
मित्रों असली खबर ये है की मोदी ने प्रधान
मंत्री की कुर्सी पर बैठ ते ही सबसे पहले टकरू को राजस्व
सचिव के पद से हटा दिया जबकि बजट के कुछ ही दिन बचे
थे. मोदी ने जेटली साहब से ये भी कहा की बजट के वक़्त न
सिर्फ टकरू वित् मंत्रालय में रहेंगे
बल्कि अम्बानी भी वहां नही दिखने चाहिए.
दिल्ली में दलाली खत्म करने का ये मोदी का बड़ा कदम है।









बहुत दिनों से ये पोस्ट लिखने की सोच रहा था । पर माहौल नहीं बन रहा था । आज मौक़ा मिल ही गया ।
आज से कोई तीन साल पहले दिल्ली में अपनी छोटी बहन के घर बैठे हम लोग गप्पें मार रहे थे ।बात बात में वो बोली की आपके पास इतने मजेदार किस्से होते है सुनाने के लिए ।और हर विषय पे आप एक ठोस राय रखते हैं । आप लिखते क्यों नहीं .......ह्म्म्म .....लिखूं ? क्या लिखूं ? क्या वाकई मैं लिख लूँगा ? अछा लिखूं कहाँ ? 
ब्लॉग पे ? वो क्या होता है ? मैंने अपने मित्र देवेन कालरा को फोन लगाया ...... अबे ये blog क्या होता है ? उन ने मुझे एक लंबा lecture पिलाया जो मुझे बिलकुल समझ न आया । खैर बहन ने मेरा ब्लॉग बनाया और कहा .......लिखो इस्पे ...... मैंने कहा लिख तो दूंगा कुछ न कुछ ......पढेगा कौन ? उसने मुझे हौसला दिया .......लिखो ,धीरे धीरे पढने लगेंगे .......मैंने google पे search किया ......how to make your blog popular ? उसमे जो उपाय दिए थे उनका मतलब यही था की तुम दूसरों के ब्लॉग पढो उन पे कमेंट करो ,like करो .......तो वो तुम्हारे पढेंगे ........यानि की तुम उसकी पीठ खुजाओ और वो तुम्हारी खुजाये ...... मैंने तुरंत declare कर दिया की ये तो बहुत ही चूतिया काम है ......अबे किसकी किसकी पीठ खुजाओगे ?
खैर साहब मैंने लिखना शुरू किया और बहन ने गाइड करना शुरू किया ...... बड़ी चिंतित रहती थी बेचारी .....क्योंकि उसे पता था .....पार्थ कब गांडीव रख देगा कोई पता नहीं ....... सो उसने कोई कसर न छोड़ी मेरा उत्साह बनाए रखने में और मेरे ब्लॉग को प्रमोट करने में ......एक दिन बोली .....फेसबुक पेज बनाओ ......वो क्या होता है ? उसने बना दिया ? फिर बोली लिंक को कॉपी करके पेस्ट कर दो अपने फेसबुक पेज पे .......मैंने फिर देवेन कालरा को फोन लगाया .....अबे ये कॉपी पेस्ट कैसे करते हैं ? माँ कसम उस ने आधा घंटा समझाया पर अपनी समझ में कुछ न आया ....... मैंने उस से कहा की कैसा मास्टर है बे तू ? क्या कम्पूटर पढाता है ? फिर मैंने उस से कहा की ऐसा करते हैं ...... मैं एक डेढ़ महीने के लिए तेरे पास आ जाता हूँ , मुझे ये कॉपी पेस्ट जैसी बेसिक चीज़ें सिखा दे ..... ऐसा दोस्त तो भगवान् दुश्मन को भी न दे ..... उसने हाथ पल्ला कुछ न पकडाया । हंस के टाल गया ।
खैर बहन जी ने खुद ही दिल्ली में बैठ के मेरा account मैनेज करना शुरू किया । मैं लिख देता और वो दिन भर यहाँ वहाँ चिपकाती फिरती .......लोगों को friend request भेजती ....... उनसे इनबॉक्स में request करती ......please like my page ........मुझे याद है किसी ने लिख भेजा ......क्यों ? क्यों करू like ?
खैर साहब facebook पे शेयर करने के कारण रोजाना मेरे पोस्ट को 20 - 25 लोगों ने पढना शुरू कर दिया । फिर बहना ने सुझाव दिया की फेसबुक पे भी 2- 4 लाइन के status डाल दिया करो ...... अन्य लोगों के status पढ़े ..... फिर मैंने कहा ,यार ये तो बहुत ही चूतिया काम है ..... लोगों को बताओ .......आज मैंने चटनी के साथ भात खाया ......खैर यहाँ भी लिखना शुरू किया ......समस्या वही थी ,क्या लिखूं ? कौन पढेगा ? और कमबख्त लिखूं कैसे ........... इसका हल मैंने यूँ निकाला ......अबे लिखना क्यों ? इतने लोग है यहाँ ......चलो इनसे बातें करते हैं .......बस फिर क्या था .......लगे दोस्तों से लिख के बतियाने.....यूँ जैसे मित्र लोग सामने बैठे हों .....हिंदी की vocabulary poor थी .....कोई बात नहीं .....न हिंदी अंग्रेजी लिख दो ....... एकदम मस्त मौला बिंदास बतियाओ .....जो जी में आये बक दो । जैसे दोस्तों में गाली फक्कड़ देते हो यहाँ भी दो ....... जम के भड़ास निकालो ...... हा हा ही ही करो .......एक दुसरे का कुर्ता फाड़ लो ..... चड्ढी नोच लो ...... अरे भाई महिलाएं भी होती हैं ......अरे हैं 4 - 6 या तो बर्दाश्त करेंगी या भग जायेंगी .....अरे शरीफ लोग .......कोई साला शरीफ नहीं होता ...... हमारी सोहबत में या तो सुधर जाएगा या फिर अपने घर जाएगा ........तो भैया ,ये है अपने लेखन का फलसफा ......
इन दिनों बहुत से लोग मुझे inbox में समपर्क करते है .......भैया मैं भी लिखना चाहता हूँ .......कैसे लिखू ? उन सबको एक ही सलाह देता हूँ .....मत लिखो ......बातें करो .....किस्से सुनाओ .....हा हा ही ही करो ...... लिख के बातें करो ..... दिल से ..... साफगोई से .......इमानदारी से ...... आडम्बर मत करो ........बात की जलेबी इमरती मत बनाओ .......सीधा सपाट लिखो ..... सरल लिखो ......दुनिया को अपनी विद्वता दिखाने के लिए मत लिखो ...... किस्सा गो बनो ....... किस्से लिखो ......दुनिया अपने आप पढेगी .....